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Wednesday, September 26, 2018

Random musings - 1



लिख लिख के ही जीवन का सच बताना
 पड़ता है जनाब. ... .
 सुन ने की किसी को फ़ुर्सत नहीं ..
बताने की हम में हिम्मत नहीं..
डर लगता है लिखा हुआ कहीं वो पढ़ न ले ..
 फ़िर लगता है .. क्यूँ डर के जीने के उन
कीमती लम्हों को जाया करें ..
सच तो सच है .. पढ़ने के लिए फ़ुर्सत नहीं
 दिल चाहिए जनाब और वो तो
 आज कल किसी के पास नहीं ..

4 comments:

  1. बहुत ख़ूब निधि जी. सच कहा आपने

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  2. Replies
    1. Thankyou Bhabhi! You are my motivation source and I know you know that! Love you!

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